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Archive for the ‘Hindi News’ Category

कोर्ट ने कहा, बनावटी थी निशा की दहेज वाली कहानी

नोएडा।। याद है आपको नोएडा की निशा शर्मा? 2003 में एक दिन अचानक मीडिया ने सेक्टर-56 में रहने वाली निशा को सुर्खियों में ला दिया, क्योंकि उसने दहेज मांगे जाने पर भरे मंडप में शादी से इनकार कर दिया था और बरात लौट गई। लेकिन कोर्ट ने बुधवार को नौ साल पहले निशा की ओर से दर्ज कराए गए दहेज के आरोप को बनावटी कहानी ठहरा दिया।

निशा से शादी करने पहुंचे मुनीष दलाल ने इस केस में नौ साल तक कोर्ट के चक्कर काटे। बुधवार को दिल्ली के विकासपुरी स्थित अपने घर में मुनीष ने कहा कि हमें इंसाफ तो मिला, लेकिन जिंदगी बर्बाद होने के बाद। हम इस मामले को ऐसे ही नहीं छोड़ेंगे। झूठे केस में फंसाने पर निशा और उसके पिता डी.डी. शर्मा के खिलाफ हर्जाने का केस करेंगे।

कोर्ट ने बुधवार को निशा शर्मा के दहेज केस को न सिर्फ बनावटी कहानी माना, बल्कि मामले में एकतरफा रिपोर्टिंग करके चारों आरोपियों की मानहानि करने के आरोप में एक बड़े अखबार के रिपोर्टर के खिलाफ मुकदमा शुरू करने का आदेश भी दिया। इन चारों आरोपियों मुनीष, उनकी मां विद्या दलाल, बुआ सावित्री देवी और निशा के कथित प्रेमी नवनीत को बाइज्जत बरी कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि जब निशा शर्मा की मुनीष दलाल के साथ शादी ही नहीं हुई, तो दहेज ऐक्ट कैसे लागू हो सकता है।

सीजेएम ने निशा की कहानी पर कई सवाल खड़े किए। फैसला सुनने के लिए निशा की ओर से वकील समेत कोई भी व्यक्ति कोर्ट में नहीं था। इससे पहेल भी इस केस की सुनवाइयों में गवाही देने निशा शर्मा कभी नहीं पहुंची और न ही उनके पिता डीडी शर्मा शादी की तैयारियों की सीडी और जरूरी सबूत पेश कर सके।

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निकाह से मना किया तो प्रेमिका ने की प्रेमी के भाई की हत्या

बिजनौर।। निकाह से मना करने पर प्रेमिका ने सहेली की सहायता से प्रेमी के 6 साल के भाई की गला घोंटकर हत्या की। पुलिस सूत्रों के अनुसार थाना नूरपुर के मौहल्ला हजरतनगर में रहने वाले सुलेमान का 6 साल का बेटा अरमान गुरुवार को घर से गायब हो गया था। काफी तलाश के बाद भी जब वह नहीं मिला तो इसी मकान में किराए पर रह रही रेशमा पर शक जाहिर किया गया।

पुलिस पूछताछ में रेशमा ने खुलासा किया कि अरमान के बड़े भाई उस्मान से उसके प्रेम संबंध थे लेकिन वह निकाह से इनकार कर रहा था। रेशमा अपनी सहेली गुलिस्तां की मदद से अरमान को फुसलाकर गन्ने के खेत में ले गई जहां दुपट्टे से उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी।

शुक्रवार शाम पुलिस ने अरमान का शव बरामद कर लिया है।

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तांत्रिक ने की रेप की कोशिश, महिला ने गुप्तांग काटा

पन्ना।। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक तांत्रिक की हरकत से परेशान महिला ने चाकू से उसका गुप्तांग काट दिया। तांत्रिक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के मुताबिक गुन्नौर थाने के देवगांव में रहने वाली चंदा (काल्पनिक नाम) की महिला की बेटी गूंगी-बहरी है। महिला ने बेटी के इलाज के लिए एक तांत्रिक भरत राम का सहारा लिया। भरत राम ने चंदा की बेटी को तंत्र से ठीक करने का भरोसा दिलाया। भरत ने इस दौरान महिला से अनैतिक सम्बंध स्थापित करने का दबाव डाला और कहा कि ऐसा होने पर ही बच्ची ठीक होगी।

चंदा का कहना है कि भरत ने उससे शारीरिक संबंध स्थापित करने की कोशिश की, जिसका उसने विरोध किया। जब उसे कुछ नहीं सूझा तो उसने सब्जी काटने वाले चाकू से भरत का गुप्तांग काट दिया। वहीं भरत का कहना है कि उसने महिला से कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की। भरत को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

सीनियर पुलिस अफसर निश्चल झारिया ने बताया कि महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर भरत के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया गया है और महिला के पति और भांजे पर तांत्रिक का गुप्तांग काटने का केस दर्ज किया गया है।

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Sexual Harassment Bill would be misused heavily

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लव मैरिज करने वाले युवक के परिवार पर हमला

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पड़ोस की लड़की से लव मैरिज करना एक युवक और उसके परिवार पर भारी पड़ गया। लड़की के
परिवार वालों ने शुक्रवार देर रात घर में घुसकर पूरे परिवार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। घरवालों को डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। मामला कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस का है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

सेक्टर-19 में राजबल अपनी पत्नी और भाई कुलदीप के साथ रहते हंै। कुलदीप ने 16 जून को पड़ोस में रहने वाले कमरपाल की बेटी संगीता से लव मैरिज कर ली थी। घरवालों की मर्जी के बगैर दोनों के शादी कर लेने से कमरपाल और उसका परिवार खफा था। दोनों परिवारों में तभी से रंजिश चल रही थी। शुक्रवार की रात कमर पाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजबल के परिवार पर हमला कर दिया। राजबल उनकी पत्नी और कुलदीप को डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सेक्टर-20 थाने मेें कमरपाल और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

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मर्डर केस में 19 साल से फरार पत्नी गिरफ्तार

http://navbharattimes.indiatimes.com/delhiarticleshow/6177675.cms

19 साल से फरार महिला अपने पहले पति के मर्डर के इल्जाम में गिरफ्तार कर ली
गई है। इस केस में उसके साथ गिरफ्तार हुए मुलजिमों को 18 साल पहले उम्रकैद हो चुकी थी। 60 साल की यह महिला नाम बदलकर दिल्ली में रहती थी।

कत्ल की यह वारदात 1986 में हुई थी। हुस्नआरा नाम की यह महिला तब कोतवाली इलाके के तहत यमुना पुश्ते पर रहती थी और अपने शौहर मुहम्मद रफीक से नाराज रहती थी। यमुना पुश्ते के प्रधान राम सिंह के साथ उसकी जान पहचान हो गई। रफीक को उनके रिश्ते पर ऐतराज था। 1986 में हुस्नआरा और राम सिंह ने रफीक से पीछा छुड़ाने का फैसला किया। राम सिंह ने अपने साथी लल्लू राम उर्फ पंडित जी को तैयार किया। तीनों ने मिलकर रफीक की हत्या कर उसकी लाश झुग्गी में डाल दी और आग लगी दी। उस मर्डर केस में कोतवाली पुलिस ने हुस्नआरा, राम सिंह और लल्लू राम को गिरफ्तार कर लिया था। राम सिंह और लल्लू राम को जमानत नहीं मिली और उन्हें अडिशनल सेशन जज एस. सी. मित्तल ने 11 अगस्त 1992 को उम्रकैद की सजा सुनाई।

हुस्नआरा को 1989 में जमानत मिल गई थी। इसके बाद उसने कोर्ट में जाना बंद कर दिया। उसे 1991 में कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया था। 19 साल से कानून उसका इंतजार कर रहा था। लाहौरी गेट के एसएचओ सुरेश कौशिक की टीम को खबर मिली कि हुस्नआरा अब जीनत के नाम से सीलमपुर में रहती है। हवलदार दिनेश कुमार की टिप-ऑफ पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे तीस हजारी कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिसा गया। अब वह किसी महेंद्र नामक व्यक्ति से शादी कर रहती थी। पुलिस को जानकारी मिली कि फरार होने के बाद उसने किसी दूसरे रफीक से शादी कर ली थी। उसकी मौत भी जलने से हुई थी। यह पुलिस को जानकारी नहीं मिली कि दूसरा रफीक किस हालात में जला था।

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पुलिस ने झूठे रेप केस में फंसाया बुजुर्ग को

http://navbharattimes.indiatimes.com/delhiarticleshow/6177902.cms

अदालत ने पूर्वी जिला पुलिस की जांच पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि उसने 65 
साल के बुजुर्ग व्यक्ति को रेप के झूठे केस में फंसा दिया। अडिशनल सेशन जज अतुल कुमार गर्ग की अदालत ने आरोपी को बरी करते हुए डीसीपी (ईस्ट) को दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने तीन महीने के भीतर डीसीपी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

पेश मामले के मुताबिक, मयूर विहार इलाके में रहने वाली इंद्रावती (बदला हुआ नाम) की बेटी किसी युवक के साथ घर से चली गई थी। कुछ दिन बाद लड़की वापस लौट आई थी। इस संबंध में इंद्रावती का लड़के के परिवारवालों से कोर्ट में केस चल रहा था। इंद्रावती का आरोप है कि धर्म सिंह चौहान (बदला हुआ नाम) इलाके का प्रधान है। उसने महिला को भरोसा दिलाया कि वह लड़के वालों से उसका समझौता करा देंगे। इस संबंध मंे वह कई बार महिला से मिला। आरोप है कि 13 जून 2008 की रात प्रधान महिला से मिला। उसने इंद्रावती से कहा कि वह लड़के वालों को भी बुला लेगा। इस दौरान प्रधान उसे एक मकान के फर्स्ट फ्लोर पर लेकर गया। वहां पर दो लोग पहले से मौजूद थे। प्रधान ने उन दोनों की मदद से महिला के साथ रेप किया। महिला किसी तरह छूटकर अपने घर पहुंची। घर पहुंचकर उसने अपनी बहन को आपबीती बताई। इस बीच बहन का लड़का भी वहां पहुंच गया। उसी ने पुलिस को फोन किया। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने महिला के बयान पर 65 वर्षीय प्रधान को गिरफ्तार कर लिया।

अभियोजन पक्ष ने प्रधान पर आरोप साबित करने के लिए 14 गवाहों को अदालत में पेश किया। इनमंे से कई गवाहों ने अभियोजन पक्ष की स्टोरी को सपोर्ट नहीं किया। अदालत ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि केस के जांच अधिकारी सबइंस्पेक्टर संजय भट्ट ने न तो पीडि़ता की बहन का बयान रेकॉर्ड किया और न ही उसके बेटे का, जिसने पुलिस कॉल की थी। इसके साथ ही अदालत ने पीडि़ता से भी कई सवाल पूछे। पीडि़ता के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं था कि उसकी बहन का बेटा उसे कैसे मिला। उस वक्त वह कहां जा रहा था। इसके साथ ही पुलिस उस जगह का कोई सबूत पेश नहीं कर पाई जहां पर पीडि़ता के साथ रेप हुआ था। अदालत ने यह सवाल भी पूछा कि जिस मकान में महिला के साथ रेप हुआ, वह काफी भीड़भाड़ वाला इलाका है। बावजूद इसके महिला ने कोई शोर नहीं मचाया। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी ने आरोपी के अंडर गारमेंट जब्त करना भी जरूरी नहीं समझा, जबकि रेप जैसे संगीन केस में ऐसा करना जरूरी होता है। इन सब तथ्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने कहा कि पुलिस ने यह झूठा केस बनाया है इसलिए आरोपी को बरी किया जाता है।

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अंगूठी पसंद न आने पर दुलहन ने तोड़ा रिश्ता

http://navbharattimes.indiatimes.com/delhiarticleshow/6181444.cms

रीदाबाद के सारन थाना क्षेत्र में शादी के मंडप में दुलहन ने 

दूल्हे से सोने की
जगह चांदी की अंगूठी मिलने पर शादी करने से इनकार कर दिया। दूल्हे के परिजनों ने शादी करने की जिद की, तो दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई और दुलहन पक्ष के लोगों ने दूल्हे व उसके पिता का मुंह काला कर दिया। हंगामे के बाद दूल्हा बगैर दुलहन लिए बरात के साथ वापस लौट गया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, लेकिन कोई केस दर्ज नहीं किया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे से लिया सामान वापस कर दिया है और दोनों में समझौता हो गया है।

सारन थाना क्षेत्र के डबुआ कॉलोनी में रामकुमार (सब नाम बदले हुए हैं) का परिवार रहता है। रामकुमार ने अपनी बेटी कामनी की शादी कुछ दिन पहले पटना के रानीपुर खिड़की में रहने वाले रमेश के बेटे राजीव के साथ तय की थी। बताया जा रहा है कि राजीव शादी करने के लिए 8 दिन पहले रिश्तेदारों के साथ पटना से फरीदाबाद आ गया था और बुधवार को राजीव व कामनी की सगाई हुई थी। शुक्रवार रात राजीव कामनी के घर बरात लेकर पहुंचा और शादी की रस्में शुरू हुईं। बरात के खाना खाने के बाद फेरों पर मंडप में आने के लिए राजीव की ओर से कामनी के लिए जूलरी भेजी गई।

जूलरी में सोने की जगह चांदी की अंगूठी पर सोने का पानी चढ़ा देखकर कामनी गुस्से से लाल हो गई और उसने शादी करने से इनकार कर दिया। इस पर बराती और दूल्हे के परिजन दंग रह गए। उन्होंने इज्जत का वास्ता देकर शादी करने की जिद की, लेकिन कामिनी के परिजनों ने भी उसका साथ देते हुए राजीव व उसके पिता रमेश का मुंह काला कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ। रात भर दोनों पक्षों में शादी करने और न करने को लेकर बहस छिड़ी रही।

शनिवार सुबह दूल्हे के पिता ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। जानकारी होने पर सारन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के लोगों को थाने ले गई। पुलिस का कहना है कि शादी नहीं हुई और दोनों पक्षों ने एक दूसरे से लिया सारा सामान वापस कर दिया है। थाना इंचार्ज ओमप्रकाश ने बताया कि उनके पास किसी ने कोई कंप्लेंट दर्ज नहीं कराई है, इसलिए केस रजिस्टर नहीं किया गया है।

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नशे में धुत्त दो बहनों ने बाजार में किया हंगामा

श्रीगंगानगर, ६ जुलाई। शराब के नशे में धुत्त दो युवतियों ने सोमवार शाम पंचायती धर्मशाला और इसके बाद गोल बाजार में हंगामा किया। पुलिस मौके पर पहुंची तो इन दोनों ने पुलिस को भी भगा दिया। इसके बाद महिला कांस्टेबलों ने इन दोनों को दबोचा और इनका मेडिकल मुआयना करवाया। मुआयना में शराब पीये होने की पुष्टि हुई है।
कोतवाल नारायणसिंह भाटी ने बताया कि आज देर शाम को टाइट जींस और शर्ट पहने दो युवतियां शराब के नशे में धुत्त होकर पंचायती धर्मशाला पहुंचीं। इन युवतियों ने धर्मशाला प्रबंधक से कमरा देने की मांग की। युवतियों को नशे में देखकर उसने कमरा देने से इन्कार कर दिया। इस पर दोनों युवतियों ने हंगामा कर दिया। प्रबंधक ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो पुलिस मौके पर पहुंची। युवतियां वहां से निकलकर गोल बाजार की तरफ एक होटल पर पहुंचकर वहां भी कमरे की मांग को लेकर हंगामा करने लगी। पुलिस ने इन युवतियों से जीप में बैठने के लिए कहा तो युवतियों ने महिला कांस्टेबल नहीं होने पर साथ चलने से इन्कार कर दिया। इस पर महिला कांस्टेबलों को थाने से भेजा गया। इस दौरान तक युवतियों ने हंगामा जारी रखा।
युवतियों को नशे में झूमते हुए देखकर वहां तमाशबीनों की भीड़ लग गयी। महिला कांस्टेबलों ने इन दोनों को जीप में बैठाया और थाने लेकर आयी। इनका जिला चिकित्सालय में मेडिकल मुआयना करवाया गया तो उसमें शराब पीये होने की पुष्टि हो गयी। इस पर दोनों को 109 सीआरपीसी के तहत गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों की पहचान दलजीत कौर पुत्री मक्खनसिंह रायसिख (26) निवासी जलालाबाद तथा उसकी बहन मनजीत कौर (33) के रूप में हुई। थाना प्रभारी ने बताया कि अत्यधिक नशा होने के कारण दोनों युवतियां पुलिस को स्पष्ट कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। वे बार-बार अपनी बात को बदल रही हैं। सुबह नशा उतरने पर ही स्थिति साफ हो सकेगी।

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दहेज के लिए वधु पक्ष पर भी चले मुकदमा

http://www.bhaskar.com/article/NAT-dowry-case-against-woman-1099251.html

नई दिल्ली. वधु पक्ष कई मामलों में दबे-छिपे दहेज देता है। ऐसे में इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए उसके खिलाफ भी मामला चलाना जरूरी है। अतिरिक्त सेशन जज कामिनी लाउ की अदालत ने यह व्यवस्था दी है।

सेशन जज के मुताबिक, ‘दहेज दो तरफा लेन-देन है। यदि देने वाला इसे नहीं दे तो लेने वाला ले नहीं सकता। ऐसे में लेने वाले और देने वाले दोनों को दहेज निषेध कानून की धारा 3 के तहत जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए।’

अदालत ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह कानून कागजों में ही सिमट कर रह गया है। यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस कानून को निष्प्रभावी बनाने में वधु पक्ष का भी हाथ होता है।

लाउ ने कहा, ‘दहेज शर्मनाक ढंग से मांगा जाता है, दिया जाता है और सामाजिक परंपराओं की आड़ में लिया जाता है। यह समाज कल्याण संबंधी इस कानून को सख्ती से लागू करने का समय है।’

यह मामला सुनील गर्ग की पत्नी उमा देवी से संबंधित है। उमा ने सेशन जज के सामने पेश याचिका में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश में दहेज देने के लिए उसके परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा गया था।

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साड़ी के नाम पर नहीं मिला तलाक

http://www.bhaskar.com/article/wearing-saree-can-be-reason-for-divorce-court-960498.html

मुंबई। साड़ी पहनना किसी को भले ही उबाऊ और बोझिल लगता हो, पर यह तलाक की वजह नहीं बन सकता। बांबे हाईकोर्ट ने साड़ी के नाम पर तलाक मांगने गई महिला की अर्जी खारिज कर दी है।

महिला होमियोपैथी की डॉक्टर हैं। उनका कहना था कि उनकी ससुराल के लोग उन पर साड़ी पहनने के लिए दबाव डालते हैं। पर दो जजों की पीठ ने कहा कि यह सच भी है तो हिंदू विवाह अधिनियम के तहत क्रूरता के दायरे में नहीं आता है।

महिला की शादी 2003 में हुई थी। जल्द ही पति और ससुराल वालों से उनकी अनबन हो गई। वह मायके लौट आईं।

महिला ने पति, सास और दो ननदों पर दहेज के लिए सताने का आपराधिक मुकदमा दर्ज करवाया। साथ ही, परिवार अदालत में तलाक के लिए एक अर्जी भी डाल दी। इस अर्जी में उन्होंने अपने साथ र्दुव्‍यव्हार के कई आरोप लगाए। एक आरोप यह भी था कि ससुराल वाले हमेशा साड़ी पहनने के लिए उन पर दबाव डालते हैं।

परिवार अदालत को महिला की दलील में दम नहीं दिखा। पर उन्हें अदालत के फैसले से संतोष नहीं हुआ। सो, वह हाईकोर्ट गईं। अब हाईकोर्ट ने भी यही कहा कि साड़ी पहनने के लिए दबाव डालना क्रूरता नहीं है। इसलिए शादी खत्म करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

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सरेआम पत्नी ने धुना पति को

http://www.bhaskar.com/article/har-oth-woman-beats-husband-in-public-for-asking-dowry-998510.html

फरीदाबाद. दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने के एक मामले में सोमवार को महिला सेल पहुंचे दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। कहासुनी के बीच विवाहिता ने सड़क पर अपने पति की जमकर धुनाई कर दी। विवाहिता के साथ इसकी मां भी थी। व्यक्ति जैसे-तैसे इनसे छूटकर भागा। इस तरह हुए घटनाक्रम को देखने के लिए सैकड़ों लोग जमा हो गए।

सेक्टर-22 निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी ढाई साल पहले सेक्टर-23 निवासी प्रदीप के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से प्रदीप उसकी बेटी को कम दहेज लाने को लेकर परेशान करता था और मारपीट करता था। इसके बाद इसकी शिकायत थाना मुजेसर में दी गई, लेकिन वहां उचित कार्रवाई नहीं हो पाई। उनका यह केस महिला सेल में चल रहा है। सोमवार को महिला सेल की तरफ से दोनों पक्षों को बुलाया गया था।

वहां से निकलते समय प्रदीप उनके साथ गाली-गलौच करने लगा। तभी विवाहिता व इसकी मां प्रदीप पर टूट पड़ी और इसकी सरेआम जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करवाया।

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पत्नी की फर्जी शिकायत पर पति को तलाक का हक

http://www.bhaskar.com/article/wifes-right-to-divorce-husband-fake-complaint-889338.html?PRV=

मुंबई. बांबे हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि अगर परिवार की बहू अपने पति और सास-ससुर के खिलाफ फर्जी आपराधिक मामला दायर करे तो यह तलाक का पर्याप्त आधार बन सकता है।

जस्टिस एपी देशपांडे और जस्टिस आरपी सोंदुरबालदोता की डिवीजन बेंच ने यह फैसला दिया है। बेंच ने एक दंपती को तलाक की अनुमति देते हुए कहा, ‘ऐसे फर्जी मामलों में पति और उसके परिजनों की गिरफ्तारी से होने वाली बदनामी व निराशा उनके प्रति मानसिक क्रूरता से कम नहीं है। ये कारण पत्नी से तलाक मांगने के लिए काफी हैं।’

बेंच ने फैमिली कोर्ट के इस आदेश से असहमति जताई के पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ पत्नी की एक शिकायत से यह जाहिर नहीं होता कि वह झूठे आरोप लगा रही है। बेंच ने कहा कि धारा 498-ए के तहत दायर शिकायत से पति व उसके परिजनों की गिरफ्तारी व पूरे परिवार की बदनामी हुई। ऐसे में यह मानना गलत होगा कि मानसिक क्रूरता को साबित करने के लिए एक से अधिक शिकायतों की जरूरत है।

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शादी के 66 साल बाद चाहिए तलाक

http://www.bhaskar.com/article/divorce-66-years-love-affair-mumbai-court-873292.html

मुंबई। उम्र के जिस पड़ाव पर ज्यादातर दंपती अपनी शादी के एलबम देखते हैं और पुरानी यादें ताजा करते हैं उस अवस्था में एक दंपती तलाक और भत्ते की कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। 86 वर्षीय रमेश और 81 वर्षीय सुधा (नाम परिवर्तित) इस स्थिति के लिए एक दूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं।

रमेश और सुधा 1977 से ही अलग रह रहे हैं। रमेश ने अब बांबे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें सुधा के वैवाहिक अधिकार बहाल करने और दंपती को पुन: एक साथ रहने का आदेश दिया गया था। रमेश ने कहा कि सुधा अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने में इतनी तल्लीन हो गई कि बाकी किसी भी चीज पर ध्यान नहीं दिया। उनके वकील संजीव कदम के मुताबिक, सुधा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस की महिला इकाई की अध्यक्ष रही हैं। दोनों की शादी 1944 में हुई थी और वे मुंबई में रहते थे। 1972 में रमेश ठाणो के इंदगांव जाकर पोल्ट्री फार्म का व्यवसाय शुरू करना चाहते थे।

तब सुधा ने जाने से मना कर दिया क्योंकि इससे उनका राजनीतिक जीवन प्रभावित होता। रमेश सुधा को एक फ्लैट, कार देकर इंदगांव रहने चले गए। रमेश ने बताया कि सुधा उनसे 20 साल से अलग है। वह उम्र के इस पड़ाव में उनके पास सिर्फ पैसों की खातिर आना चाहती है। उधर सुधा का कहना है कि रमेश के अपनी एक बिजनेस पार्टनर से प्रेम संबंध थे, इसलिए वे अलग हुईं थीं। सुधा ने कोर्ट से उचित भत्ता मांगा है।

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‘दहेज लाओ नहीं तो बना देंगे MMS’

 

http://www.bhaskar.com/article/NAT-dowry-case-in-jalandhar-1057806.html

जालंधर. दहेज लाने से इनकार करने पर पत्नी का ब्लू एमएमएस बनाने के प्रयास में पति व सास-ससुर पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत में प्रीत नगर निवासी पूनम ने बताया कि उसकी शादी 29 नवंबर 09 को कीर्ती नगर निवासी दीपक से हुई थी। ससुराल वाले दहेज के लिए उसे तंग करते थे।

पति धमकी देता कि अगर वह दहेज न लाई तो उसका ब्लू एमएमएस बना उसे बदनाम करेगा। एक दिन जब पूनम नहाने गई तो देखा कि बाथरूम में कैमरा लगाया गया है, इसे देख उसके होश उड़ गए। आनन-फानन में उसने ससुराल वालों के खिलाफ थाने पहुंच गई।

यहां पर उसने बताया कि परिवार वाले आए दिन दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करते रहते हैं। मेरे पति ने मुझे धमकी भी दी थी कि अगर दहेज नहीं लाई तो वह  एमएमएस बनाकर उसे बदनाम कर देगा। और अब बाथरूम में कैमरा लगे होने से यह साफ मालूम पड़ता है कि ससुराल वाले उसे बदनाम करने का पूरा प्लान बना लिया था। इसके बाद पुलिस ने पति व सास-ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

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शादी के 31 साल बाद पति पर दहेज प्रताड़ना

http://www.bhaskar.com/article/CHH-RAI-after-31-years-of-marriage-dowry-to-her-husband-torture-1016998.html

रायपुर. विवाह के 31 बरस गुजरने के बाद महिला ने अपने पति पर दहेज प्रताड़ना की रिपोर्ट दर्ज करायी है। काउंसिलिंग में बातचीत के जरिये विवाद को सुलझाने की कोशिश विफल होने के बाद पुलिस ने दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर लिया है।

पचास वर्षीय पीड़ित महिला कविता ने अपने पति लखानीचंद के साथ-साथ परिवार के अन्य चार सदस्यों को भी इस केस में शामिल किया है। उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करायी है कि मायके से पैसा लाने के लिए उसे बरसों से प्रताड़ित किया जा रहा था। शादी के बाद से वह उनकी प्रताड़ना सह रही थी। जब उस पर जुल्म बढ़ गया तब उसने पुलिस की मदद ली। पुलिस ने रविवार को अपराध पंजीबद्ध किया। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस ने बताया कि लखानीचंद एसबीआई कालोनी फाफाडीह के रहने वाले हैं। उनका विवाह 29 नवंबर 1979 को हुआ था। विवाह के इतने बरस बाद दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज होने से यह केस पुलिस महकमें में ही चर्चा का विषय बना हुआ है। सीएसपी मनीषा ठाकुर ने बताया कि प्रताड़ना का केस दर्ज कराने के लिए किसी तरह की समय सीमा का बंधन नहीं है। काउंसिलिंग के माध्यम से पीड़ित महिला का पक्ष सुना गया। उसकी शिकायतों का परीक्षण करने के बाद ही मामला पंजीबद्ध किया गया है। क्रिमिनल लायर फैसल रिजवी का कहना है कि दहेज का केस किसी भी आयु में दर्ज हो सकता है।

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तलाक लेने आए, साथ लौटे

http://www.bhaskar.com/article/divorce-came-returned-with-838711.html

अमृतसर. सवा दो वर्ष पहले ज्यूलर डिजाइनर जतिन्द्र पाल सिंह की रूबी के साथ हुई शादी टूटने के कगार पर पहुंच चुकी थी, लेकिन उनके एक वर्षीय बालक हरप्रीत की मासूमियत देख लोक अदालत ने रूठे इस दंपती को पुन: मिला कर उनका घर टूटने से बचा दिया।

रणजीत एवेन्यू निवासी जतिन्द्र पाल सिंह की शादी 5 दिसंबर 2007 को अजीत नगर निवासी रूबी के साथ हुई थी। उनके घर एक पुत्र हरप्रीत का जन्म हुआ था। ज्यूलरी डिजाइनर की डिग्री प्राप्त और अपने काम में माहिर जतिन्द्र को जहां देश विदेश से बड़े बड़े पैकेज के तहत कई नौकरियों की पेशकश आती रहती है, वहीं कुछ मामूली नोकझोंक के चलते दोनों में इस कदर दूरियां बढ़ती जा रही थीं कि नौबत तलाक तक पहुंच गई।

जतिन्द्र ने अपने वकील अजय कुमार विरमानी के जरिए जिला एवं सैशन कोर्ट में डाईवोर्स पटीशन दायर कर दी थी। रूबी जवाब दायर करने के लिए एडवोकेट खुशबीर सिंह की कानूनी सेवाएं ले रही थी। इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सैशन जज करनैल सिंह की अदालत में चल रही थी।

इस मामले को लेकर शनिवार को दूसरी बार सुनवाई होनी थी। अदालत का ध्यान दंपती के एक वर्षीय बालक हरप्रीत की मासूमियत की तरफ गया, तो जज करनैल सिंह ने इस मासूम का वास्ता देते हुए उन्हें साथ रहने का सुझाव दिया। यहां तक कि उन्होंने दोनों पक्षों के वकीलों को भी इस दंपती को मनाने के लिए प्रेरित किया। दोनों को इकट्ठे बैठाकर समझाया गया और उनके गिले-शिकवे दूर करवा दिए। इसके तुरंत बाद दोनों के परिवारिक सदस्यों को भी अदालत में बुलवा लिया गया। देर सायं आखिर अदालत रूठे पति पत्नी को पुन: मिलाने में कामयाब हो गई।

अंतिम फैसला 16 को

रू ठे पति पत्नी को पुन: मिलाने में सफल रहे जज करनैल सिंह ने रूबी को अपने पति के साथ ससुराल भेजते हुए पुन: एक साथ रहने का मौका दिया है। इसके बावजूद अदालत ने अंतिम फैसले के लिए 16 अप्रैल की तारीख निश्चित की है। अदालत के फैसले के बाद रूबी ने जहां अपने सास ससुर के पांव छुए, वहीं उसकी सास ने उसे अपने गले लगा सदा सुहागिन रहने का आर्शीवाद भी दिया।

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तलाक के अगले दिन ही निकली लॉटरी

http://www.bhaskar.com/article/100317120018_man_wins_lottery_a_day_after_divorce.html

लंदन. ब्रिटेन के एक बस ड्राईवर कि किस्मत तलाक के अगले दिन ही खुल गई। इसकी 2 मिलियन पाउंड(लगभग 14 करोड़ रुपए) की लाटरी लगी।

केविन हॉलस्टीड (50) की खुशी का उस समय ठिकाना नही रहा जब पिछले शुक्रवार को उसे पोस्ट के जरिए लॉटरी लगने का पता चला। खबर मिलने के बाद उसने अपने दोस्तों के साथ जमकर पार्टी की।

अगर उसके तलाक में कुछ और दिन लग जाते तो केविन को अपनी पूर्व पत्नी हेलेन को लॉटरी में मिली रकम का आधा हिस्सा देना पड़ सकता था। लेकिन उसकी किस्मत तलाक के एक दिन बाद खुली। अब वो अपनी नई साथी के साथ खूब मजे कर सकेगा।

द सन पर छपी खबर के मुताबिक केविन अपने तलाक के कागज पूरे हो जाने के बाद अपने मित्रों के साथ शराब पी। अगले दिन उसने लॉटरी का एक टिकट खरीदा और उसका जैकपॉट लग गया।

उसकी पूर्व पत्नी हेलेन कहती है कि हम अच्छे दोस्त हैं, तलाक के बाद हम एक दूसरे को बेहतर समझ रहें हैं। मैं केविन को शुभकामनाएं देती हूं।

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तलाक के लिए पति ने थमाया 1.25 करोड़ का बिल

http://www.bhaskar.com/article/100313041719_1.html?PRV=

इंदौर. ब्याहकर नए जीवन का सपना लिए ऑस्ट्रेलिया गई इंदौर की बेटी चार साल तक दहेज प्रताड़ना झेलती रही। धैर्य तब टूटा जब सारी संपत्ति और 25 लाख रुपए नहीं देने पर पति ने उसे साथ रखने से मना कर दिया। तलाक मांगा तो पति ने चार साल में उस पर खाना-रहना, आने-जाने का किराया और पेट्रोल का खर्च जोड़कर 1.25 करोड़ रुपए का बिल थमा दिया।
यह दास्तां है पलसीकर कॉलोनी की रूपाली छाबड़ा की। उसकी शादी इंदौर के ही स्कीम-59 स्थित अमितेषनगर के जसमीत कुलवंतसिंह होरा से 1 दिसंबर 2004 को हुई थी। जसमीत ऑस्ट्रेलिया चला गया। छह महीने बाद रूपाली को भी बुला लिया और दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा।

वह रूपाली की इंदौर की प्रॉपटी अपने नाम कराने के साथ मायके से 25 लाख रुपए लाने की मांग करने लगा। दोनों 7 नवंबर 08 को इंदौर आए। यहां जसमीत के साथ ससुर कुलवंतसिंह व सास कुलबीर ने उसे प्रताड़ित किया। रूपाली ने मायके में बताया तो जसमीत 28-29 दिसंबर को उसे ऑस्ट्रेलिया ले गया, वहां उसे अपने दोस्त के परिवार के साथ रखा।

बात तलाक तक पहुंची तो उसने रूपाली पर चार वर्ष में 1.25 करोड़ रु. खर्च होना बताकर बाकायदा लिस्ट सौंप दी। उसने कहा इतनी राशि लौटाने पर ही वह तलाक देगा। परेशान रूपाली 26 फरवरी को इंदौर आई और राजेंद्रनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जसमीत ऑस्ट्रेलिया की कंपनी में प्रोडक्टर एंड प्रोसीजर स्पेशलिस्ट है।

रूपाली के डॉलर भी रख लिए

ऑस्ट्रेलिया में रूपाली ने 90 हजार डॉलर कमाए। जसमीत डॉलर अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।

शादी में दिए थे 20 लाख

पिता की मौत हो जाने से रूपाली की शादी उसके चाचा हरबंससिंह छाबड़ा ने की थी। रूपाली ने बताया शादी में चाचा ने रूपाली के नाम स्टेट बैंक ऑफ इंदौर, शाखा राजमोहल्ला में पांच लाख रुपए की एफडी की थी और 14-15 लाख रुपए के जेवर दिए थे। शादी के बाद जसमीत ने यह राशि भी निकाल ली थी।

रूपाली ने पति सहित सास-ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया है, तीनों फरार हैं। पति के मिलने पर ही 1.25 करोड़ रुपए की लिस्ट के बारे में कुछ कहा जा सकेगा। - जयंत राठौर, टीआई, राजेंद्रनगर

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श्री सिंह ने कहा कि उन जैसे व्यक्ति को दहेज की जरूरत ही नही हैं।

 

http://www.bhaskar.com/2010/06/14/MP-BPL-dowry-harassment-case-against-woman-judge-1057565.html

भास्कर न्यूज

First Published 06:40[IST](14/06/2010)
Last Updated 07:54[IST](14/06/2010)

टीकमगढ़. जबलपुर फैमिली कोर्ट की प्रधान न्यायाधीश पर अपनी बहू और उसके परिवार को प्रताड़ित करने का मामला दर्ज किया गया है। हाई कोर्ट की अनापत्ति के बाद यह मामला जतारा थाने में दर्ज कराया गया। आरोप है कि उन्होंने अपनी बहू के पिता को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। पुलिस ने इस मामले की पुष्टि कर दी है। इस मामले में प्रधान न्यायाधीश मीना भट्ट, उनके पति रिटायर्ड एडीजे पुरुषोत्तम भट्ट और पुत्र सिद्धार्थ भट्ट नमजद किए गए हैं।

पुलिस ने बताया कि पांच जुलाई 2006 को जतारा के जगन्नाथ शर्मा ने अपनी पुत्री मीनू की शादी मीना-पुरुषोत्तम भट्ट के बेटे सिद्धार्थ से की थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने मीनू को दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। लंबे समय तक मीनू घुट-घुट कर जीती रही। लेकिन जब बात हद से बाहर हो गई तो उसने अपने पिता जगन्नाथ शर्मा को पूरी बात बता दी। घटना सुनने के बाद अप्रैल 2009 में मीनू के पिता जगन्नाथ शर्मा लड़की की ससुराल गए और मीना-पुरुषोत्तम भट्ट से बात की लेकिन भट्ट दंपति ने मीनू के पिता श्री शर्मा के साथ अभद्रता की और दहेज नहीं देने पर केस में फंसा देने की धमकी दी।

ससुराल वालों की धमकी से परेशान जगन्नाथ शर्मा घर लौट आए और 7 अप्रैल 2009 को आत्महत्या कर ली। इसके बाद श्री शर्मा के परिजनों ने पुलिस में प्रकरण दर्ज कराने आवेदन दिया था। लेकिन आरोपी मीना भट्ट और पुरुषोत्तम भट्ट के जज होने के कारण तुरंत मामला दर्ज नहीं हो सका।

एक साल बाद मिला न्याय

मीनू शर्मा के चाचा मनोज शर्मा ने बताया कि आत्महत्या के 3 दिन बाद कागजों में उनके भाई का लिखा सुसाइड नोट मिला था। इसमें उन्होंने आत्महत्या का कारण पुत्री मीनू की सास, ससुर और पुत्र के द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित करना बताया था। इस पत्र पर जब भट्ट दंपती ने संदेह जाहिर किया तब हैंड राईटिंग एक्सपर्ट ने उनके भाई के लेख से मिलान किया और मामला सही पाया गया।

इसके बाद भट्ट दंपती पर प्रकरण दर्ज करने के लिए पुलिस ने हाईकोर्ट से राय मांगी। जवाब में हाईकोर्ट ने कहा कि अगर न्यायाधीश दोषी हैं तो प्रकरण दर्ज किया जा सकता है। हाईकोर्ट के जवाब के बाद जतारा थाना प्रभारी केसी पाली ने कुटुंब न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश मीना भट्ट, उनके पति रिटायर्ड एडीजे पुरुषोत्तम भट्ट और पुत्र सिद्धार्थ भट्ट के खिलाफ धारा 306,34 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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‘मुझे दहेज की क्या जरूरत’

http://www.bhaskar.com/article/MP-BPL-i-not-need-to-dowry-994003.html

भोपाल. पूर्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रुस्तमसिंह अपने खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज होने के बाद से आहत हैं। श्री सिंह ने कहा कि उन जैसे व्यक्ति को दहेज की जरूरत ही नही हैं। उधर, बहू दीप्ति ने अपनी शिकायत में कहा है कि ससुराल वाले उसके साथ दहेज के लिए रोजाना मारपीट करते थे।

17 मई को श्री सिंह के बेटे कुलदीप ने कमलानगर थाना में दीप्ति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि दीप्ति अपने पिता रोशनलाल के साथ न्यू मार्केट गई थी और वापस नहीं लौटी। इसके बाद मॉडल टाउन, यमुनानगर (हरियाणा) निवासी दीप्ति ने पिता के साथ 21 मई को श्री सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। दीप्ति ने कहा कि 09 में उसकी शादी कुलदीप से हुई थी। इसके कुछ दिन बाद से ही ससुराल वाले दहेज मांगने लगे, जिसे पूरा न करने पर उसके साथ मारपीट की गई। मौका देखकर वह भाग निकली।

सास रोटी छीन लेती थी:

उधर रुस्तमसिंह के समधी पूर्व विधायक रोशनलाल आर्य ने आरोप लगाया है कि दीप्ति की सास ने उसे खाना देने पर पांबदी लगा दी थी। वह उसके हाथों से रोटी छीन लेती थी। मारपीट कर उसे अंधेरे कमरे में रखा जाता था। दीप्ति के हालत पर नौकरों को तरस आता था और वे अपने हिस्से का खाना उसे देते थे। भूखी-प्यासी रहने से दीप्ति की हालत दिन पर दिन बिगड़ गई और वह इन दिनों अस्पताल में दाखिल है। श्री आर्य का आरोप है कि बेरहम ससुराल वाले दीप्ति को देखने आना तो दूर, फोन तक पर बात नहीं करते।

इंदौर में पति का इंजीनियरिंग कालेज :

श्री आर्य का कहना है कि दामाद कुलदीपसिंह का इंदौर में प्रीतमसिंह इंजीनियरिंग कॉलेज के नाम से इंस्टीटच्यूट है। वह उसके डायरेक्टर है। कुलदीप सिंह ने अपने बाबा प्रीतम सिंह के नाम पर शिक्षण संस्थान खोला है।

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तलाक लेते-लेते कोर्ट में फिर इकरार हो गया

http://www.bhaskar.com/article/100313041946_court.html 

रेवाड़ी. एक ऐसा फैसला जिस पर कानून की मोहर तो नहीं लगी थी, लेकिन खुशी सभी ने महसूस की। जज ने कहा वैरी गुड। दोनों पक्षों के वकीलों ने ताली बजाई तो घर आकर परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। घर के बुजुर्ग ने आशीर्वाद के साथ नसीहत भी दी कि घर की बात घर में रहे तो अच्छा है।

बच्चों ने कहा वायदा करो, कभी ऐसा झगड़ा नहीं करोंगे जिसे सुलझाने के लिए हम छोटों को बड़ी बातें-बातें करनी पड़ें। शुक्रवार को जिला कोर्ट की अदालत में अशोक नागपाल बनाम बिंदु केस में न्यायधीश जेआर चौहान को न तो ऑर्डर-अॅार्डर करने की जरूरत पड़ी और न ही केस की फाइल को नए सिरे से पढ़ने की।

3 साल 5 माह से चल रहा यह केस 20 मिनट में उस समय क्लोज हो गया, जब बिंदु ने कहा जज साहब मुझे अपने घर जाना है, बेटा जतिन के एग्जाम चल रहे हैं, मुझे अब कोई तारीख नहीं चाहिए। ऐसा सुनकर जज जेआर चौहान मुस्कराए और केस डिसमिस कहकर फाइल बंद कर दी और यह दंपति स्कूटर पर बैठकर सीधे घर आ गया।

माडल टाउन निवासी 80 वर्षीय परमानंद नागपाल के चेहरे पर मुस्कान यह बता रही है कि सुबह के भूले शाम को घर लौट आए हैं। कक्षा 12 वीं की बोर्ड परीक्षा दे रहे जतिन की खुशी का ठिकाना ही नहीं। अब उसे मां से बात करने के लिए न तो मोबाइल करना पड़ेगा और न ही पापा से झगड़ा।

पिछले 25 सालों से साथ रहे अशोक नागपाल और बिंदु के जीवन में दरार उस समय पड़नी शुरू हुई, जब कुछ करीबी रिश्तेदारों ने उनके घर के पास रहना शुरू कर दिया। इसके बाद घर की आबोहवा में कड़वाहट घुलने लगी। छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होने लगा। 7 अगस्त 2006 को बेटी ज्योति की शादी में आए रिश्तेदारों ने दोनों को काफी समझाया, लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ी।

बिंदु मायके रहने लगी। 17 अक्टूबर 2006 को अशोक नागपाल ने कोर्ट में याचिका दायर कर पत्नी को अपने ससुराल में आकर रहने को कहा। उसने आने से मना कर दिया। 18 मई 2007 को अशोक के बड़े भाई हरीश नागपाल की मौत हो गई, जिस वजह से वह 18 मई को लगने वाली तारीख पर पेश नहीं हो सका और बिंदु को वापसी लाने की याचिका खारिज हो गईं।

दोनों के बीच दूरियां बढ़ती जा रही थी। नवंबर 2007 को अशोक ने तलाक के लिए याचिका दायर कर दी। केस चलता रहा। जज और वकील जानबूझकर लंबी तारीख लेते रहे कि किसी तरह दोनों मान जाएं, लेकिन कलमबद्ध बयानों से साफ हो गया था कि अब उनमें तलाक होने से कोई नहीं रोक सकता। तारीख पर तारीख लगती गई।

2 फरवरी 2010 को सुनवाई के बाद केस तलाक होने की फाइनल स्टेज पर पहुंच चुका था। बिंदु और अशोक नागपाल भी मानसिक तौर पर इसके लिए तैयार हो चुके थे, जबकि जतिन खामोश था। बहू के अलग रहने से सास हरदेवी व्यथित रहने लगी। वह नहीं चाहती थी कि बिंदू अलग रहे।

इसी चिंता में वह बीमार रहने लगी और 4 फरवरी 2010 को वह चल बसी। मरने से पहले बेटे से वायदा लिया कि वह बहू को वापस ले आएगा। उधर सास के चल बसने का पता चलते ही बिंदु सीधे ससुराल आ गई।

बिंदु को देख एक पल के लिए सभी हैरान थे। इसके बाद इस केस ने टिवस्ट लिया। अलग होने का मन बना चुके इस दंपत्ति के बीच दूरियों की बर्फ ने पिघलना शुरू कर दिया। कोर्ट अपना फैसला सुनाती, उससे पहले बिंदु और अशोक नागपाल साथ रहने का निर्णय ले चुके थे। एक सुखद पारिवारिक भविष्य के लिए।

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1000 शादियों पर 11 तलाक

http://www.bhaskar.com/article/NAT-11-divorce-out-of-1000-marriages-in-india-1046799.html

केंद्र सरकार ने हिंदुओं में तलाक की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी है, लेकिन कानूनविद की राय में यह बदलाव अधूरा है।

सुप्रीम कोर्ट की वरिष्‍ठ वकील कामिनी जायसवाल का कहना है-

कानून में इस बदलाव से आम महिलाओं, खास कर ग्रामीण महिलाओं को फायदा नहीं होगा। किसान पति से गुजारा भत्‍ता लेना आसान नहीं होगा, क्‍योंकि उनकी आमदनी तय नहीं होती और न ही वे हर माह नियमित रूप से कमाते हैं। ऐसे में गुजारा भत्‍ता से जुड़े कानून में भी बदलाव जरूरी है।

1000 शादियों पर 11 तलाकभारत में तलाक के मामलों की सही संख्‍या तो पता नहीं है, लेकिन यह जरूर है कि ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। कामिनी जायसवाल भी कहती हैं कि आज के शहरी समाज में तलाक को बहुत असामान्‍य नहीं माना जाता। उनके मुताबिक, ‘तलाक लेने के लिए अदालत आने वालों की संख्‍या बढ़ रही है। यह भी एक सच है कि ये मामले निपटने में छह महीने से 20 साल तक लग रहे हैं।’ कुछ जानकारों के मुताबिक भारत में हर एक हजार में 11 जोड़े तलाक लेते हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा 400 है।

अभी क्‍या है तलाक का आधारपति या पत्‍नी में से कोई दूसरे पर धर्म बदलने के लिए दबाव डाल रहा हो दोनों में से कोई एक मानसिक रोगी या किसी यौन बीमारी से पीडि़त हो विवाहेतर संबंध हो लगातार सात साल तक पति-पत्‍नी में से कोई एक लापता हो या फिर पति-पत्‍नी रिश्‍ता तोड़ने के लिए आपस में सहमत हों तो तलाक का आधार बनता है।

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तलाक के 55000 मामले अदालतों में लंबित

http://www.bhaskar.com/article/NAT-55000-couples-waiting-for-divorce-in-india%E2%80%8E-1090197.html

नई दिल्ली. देश की अदालतों में तलाक के 55000 मामले लंबित हैं। कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने बताया कि इन सभी मामलों का निपटारा संसद में हिंदू विवाह अधिनियम 1955 और विशेष विवाह अधिनियम 1954 के संशोधन पर मुहर लगने के बाद तेजी से होगा।

मोइली ने बताया कि यह संशोधन विधेयक संसद से पास होते ही एक पखवाड़े में सभी मामले निपट जाने की उम्मीद है। इसके लिए परिवार न्यायालयों की संख्या बढ़ाई जा रही है। पहली प्राथमिकता उन मामलों की होगी जो तीन साल से ज्यादा समय से लंबित हैं। यह पहली बार है जब केंद्र सरकार ने तलाक चाहने वाले दंपतियों के आंकड़े बताए हैं। 

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पूर्व मंत्री रुस्तमसिंह की अग्रिम जमानत खारिज

http://www.bhaskar.com/article/MP-BPL-former-minister-rustam-singh-anticipatory-bail-rejected-1052358.html

यमुनानगर. पुत्रवधु के दहेज प्रताड़ना के आरोप में फंसे मप्र के पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह, उनकी पत्नी व बेटे की सेशन कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। पूर्व मंत्री के वकील ने 498A , 406, 506 और 323 के मामले में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी।

पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य की बेटी और रुस्तम सिंह की पुत्रवधू दीप्ति ने 21 मई को यमुनानगर थाने में पति कुलदीप सिंह, ससुर रुस्तम सिंह और सास कमलेश के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। दीप्ति ने कहा था कि ससुराल वाले न केवल मारपीट करते थे, बल्कि खाना-पीना तक बंद कर दिया। साथ ही, उसे अंधेरे कमरे में बंद कर दिया था।

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पूर्व मंत्री की बहू लापता

http://www.bhaskar.com/article/MP-BPL-former-ministers-daughter-in-law-missing-988842.html?PRV=

भोपाल. पूर्व गृहमंत्री रुस्तम सिंह की बहू अपने पांच माह के बेटे और पिता के साथ पिछले तीन दिन से लापता है। कमला नगर पुलिस ने गुरुवार की रात तीनों की गुमशुदगी दर्ज की है। कमला नगर पुलिस के मुताबिक वैशाली नगर में रुस्तम सिंह के बेटे कुलदीप सिंह परिवार के साथ रहते हैं। कुलदीप ने गुरुवार रात कमला नगर थाने में अपनी पत्नी दीप्ति सिंह (27) की गुमशुदगी दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया है कि दीप्ति 17 मई को अपने पांच माह के बेटे वीर प्रताप सिंह और पिता रोशनलाल आर्य के साथ न्यू मार्केट के लिए निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। इस बारे में श्री सिंह ने कहा कि लगातार कोशिश करने के बाद भी बहू और उनके पिता से मोबाइल फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है।

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मप्रः पूर्व मंत्री के खिलाफ बहू थाने में

http://www.bhaskar.com/article/NAT-fir-against-madhya-pradesh-former-home-minister-rustam-singh-1006597.html?PRV=

 

भोपाल. मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री रुस्तम सिंह की मुश्किलें अब बढ़ती जा रही है। कल तक लापता बताई जा रही रुस्तम की बहू ने अब अपने ससुर के खिलाफ थाने तक पहुंच गई है। कुलदीप की पत्नी दीप्ति ने ससुर रुस्तम सिंह के खिलाफ हरियाणा के यमुनानगर में दहेज का मामला दर्ज कराया है।

बहू ने दर्ज शिकायत में ससुर और परिवार वालों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ससुराल वाले दहेज के लिए उसे प्रतिदिन प्रताड़ित करते हैं। उसने बताया कि दहेज को लेकर आए दिन ससुर रुस्तम सिंह, सास कमलेश व पति कुलदीप उसे और उसके बच्चे को ताड़ना देते हैं। हरियाणा के पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य की बेटी दीप्ति की शिकायत पर यमुना नगर पुलिस ने 21 मई को ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

गौरतलब है कि दीप्ति की शादी 2 फरवरी 2009 को हुई थी। ससुराल वाले दीप्ति उसके पांच माह के बेटे और पिता के लापता होने की सूचना भोपाल के कमला नगर पुलिस में दर्ज कराई थी। कमला नगर पुलिस के मुताबिक वैशाली नगर में रुस्तम सिंह के बेटे कुलदीप सिंह परिवार के साथ रहते हैं। पुलिस ने बताया कि कुलदीप ने 20 मई को भोपाल के कमला नगर थाने में अपनी पत्नी दीप्ति सिंह (27) की गुमशुदगी दर्ज कराई है।

उन्होंने पुलिस को बताया है कि दीप्ति 17 मई को अपने पांच माह के बेटे वीर प्रताप सिंह और पिता रोशनलाल आर्य के साथ न्यू मार्केट के लिए निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। इस बारे में श्री सिंह ने कहा कि लगातार कोशिश करने के बाद भी बहू और उनके पिता से मोबाइल फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। जबकि दीप्ति का आरोप है कि जब से उसकी शादी हुई तभी से ससुराल वाले दहेज को लेकर उसे आए दिन प्रताड़ित करते रहते हैं।

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